bat shanivar ki..........
Thursday, 13 June 2013
न इतरा देखकर खुद को ,आईने में इतना,
कि तेरा अक्स ही तुझ से पूछे,साहब आखिर वज़ह किया है!
Saturday, 8 June 2013
कुछ तो कमी रही होगी बुनियादों में,
वरना यूँ ही नहीं उजड़ा करते आशियाने,तुच्छ किस्म तूफानों से !
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