Thursday, 29 December 2011

आखिरी रात है जीवन की ,बस आज ख़ुशी से पीने दो,
कुछ वक़्त बचा है मेरे पास , हर पल को अब तुम ज़ीने दो
 कल तो मेरा कल होगा ,
कभी आज तेरा भी कल होगा,
आज को आज में जीने दो,
बस आज रात और पीने दो,


सुनकर मौत की खबर मेरी ,अपनों को बड़ा ही दुःख होगा
बस इक अपनों में तू होगी,जिसका खुशियों का पल होगा 
गुज़रा वक़्त ज़माने में,तो फितरत भी तेरी बदल गई 
रहते  थे हम भी तुझमे ,फिर क्यूँ तू खुद ही खुद में सिमट गई
डोर बंधी थी जीवन की जो ,पल भर में कियों टूट गई
मै तो तुझ से रूठ ना पाया,फिर तू मुझ से कियों रूठ गई


जान ना पाया तेरी हशरत,इस बात का मुझको गम होगा
बस आज हूँ तेरी दुनिया में,कल मेरा सवेरा कहीं और होगा  



जाने से पहले मुझको बस एक ही बात का दुःख होगा 
सुकूँ से सो जाऊंगा मै तो,माँ-बाप का मेरे किया होगा


कफ़न सजा होगा मेरा,माँ उसमे मुझे तटोएगी
आँचल मै रखकर सर मेरा, फिर फूट फूट कर रोएगी
रोएगी बहना भी मेरी,छाती को मेरी पीटेगी
राखी बान्धुगी मै अब किसको,लाश से मेरी पूछेगी 
लिपट के मेरी लाश से फिर वो,ना जाने कितना रोएगी
आयेंगे पापा जब मेरे सब को वही संभालेंगे 
देखेंगे जब चेहरा वो मेरा,फिर आंसू बहुत बहायेंगे


यूँ तो आएगी तू भी आखिर ,कुछ देर तो तू भी रोएगी 
छोड़ चला हूँ सब कुछ अब मै 
चैन से अब तू सोएगी,
जब याद आयेगा मरना मेरा ,तू खुद ही खुद को कोसेगी
याद आऊंगा जब भी तुझको,चेहरे को छुपाकर रोएगी 
देख ना पायेगी अब तू मुझको,बस सपनो में देखेगी


ये तो बातें हैं सब कल की ,इन को कल ही होने दो
रात आखिरी है जीवन की ,बस आज रात को पीने दो............................





2 comments:

  1. outstanding bro ...........achha bahut achha dil bag bag ho gaya...

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  2. dhanyvad sahab................

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