यूँ तो वक़्त गुजरता है बड़ी तेज़ी से ,
थम जाये वक़्त का पहिया तब बात और हो! .
यूँ तो करते हैं इबादत मंदिर, मस्जिद में जाकर सभी ,
कुबूल हो इबादत हर किसी की तब बात और हो!
यूँ तो करते हैं मुहब्बत दुनिया में सभी किसी न किसी से
मायना समझ जाएँ मुहब्बत का तब बात और हो!
यूँ तो ढूँढ़ते हैं हर रोज़ अपने ही अक्स को आईने में सभी,
मिले किसी की नज़रों में अपना अक्स तब बात और हो !..
यूँ तो हैं बहुत से इस दुनिया में बेघर अभी ,
मिल जाये आशियाना हर किसी को तब बात और हो!
यूँ तो हैं रस्ते इस दुनिया में बहुत ,
मिले हर रस्ते पे मंजिल तब बात और हो !.
यूँ तो शरीक होते हैं अपने और पराये,ज़नाज़े में अक्सर ,
पराये हो जाए अपने तब बात और हो !.
यूँ तो होती है ठंडक सूरज की तपिश में कभी -कभी
शीतल हो जाये मन सभी का तब बात और हो !.
यूँ तो मिलती है नजाकत इकाद की नज़रों में कभी कभी ,
मिले हर नज़र में नजाकत तब बात और हो .
यूँ तो होते हैं कई रंग जिंदगी में ,
हर रंग उतर जाये जिंदगी में तब बात और हो .
यूँ तो होती है महफ़िल रंगीन,खुशनुमा मोकों पे कभी कभी,
हर शाम हो जाए रंगीन,तब बात और हो .
यूँ तो लिख लेते हैं अल्फाजों को कागज़ पर हम भी कभी कभी ,
लिख जाये कुछ नया तब बात और हो................